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CG SSB SET Syllabus 2026 for Paper 1 and 2, Check Official Syllabus

By: Shurti Singh

On: July 24, 2026

छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा (CG SET) 2026 की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा का प्रारूप, पात्रता नियम और विस्तृत पाठ्यक्रम को गहराई से समझना बेहद आवश्यक है। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG Vyapam / CGSSB) द्वारा आयोजित की जाने वाली यह परीक्षा राज्य के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) पद की पात्रता हेतु एक महत्वपूर्ण मानक है।

यहाँ CG SET 2026 के परीक्षा पैटर्न, सामान्य प्रथम प्रश्न पत्र (Paper-1) तथा द्वितीय प्रश्न पत्र (Paper-2: हिंदी साहित्य) का विस्तृत और विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।

CG SET 2026: परीक्षा संरचना एवं पैटर्न (Exam Pattern)

CG SET परीक्षा का आयोजन ऑफ़लाइन (OMR बेस्ड) माध्यम से किया जाता है। इसमें दो प्रश्न पत्र शामिल होते हैं और दोनों ही पत्रों में वस्तुनिष्ठ प्रकार (Multiple Choice Questions – MCQs) के प्रश्न पूछे जाते हैं।

परीक्षा विवरण प्रथम प्रश्न पत्र (Paper 1) द्वितीय प्रश्न पत्र (Paper 2)
प्रकृति सामान्य शिक्षण एवं शोध अभिवृत्ति (अनिवार्य) अभ्यर्थी द्वारा चयनित मुख्य विषय
कुल प्रश्न 50 प्रश्न 100 प्रश्न
प्रत्येक प्रश्न के अंक 2 अंक 2 अंक
कुल अंक 100 अंक 200 अंक
आवंटित समय 1 घंटा (60 मिनट) 2 घंटे (120 मिनट)
ऋणात्मक अंकन (Negative Marking) नहीं नहीं
प्रश्न पत्र का माध्यम द्विभाषी (हिंदी एवं अंग्रेजी) द्विभाषी (भाषा विषयों को छोड़कर)

ध्यान दें: परीक्षा में कुल 150 प्रश्न होंगे जिनका कुल योग 300 अंक होगा। ऋणात्मक अंकन न होने के कारण अभ्यर्थियों को सभी प्रश्नों को हल करने का प्रयास करना चाहिए।

प्रथम प्रश्न पत्र (Paper-1): सामान्य ज्ञान, शिक्षण एवं शोध अभिवृत्ति

पेपर-1 सभी 30 विषयों के अभ्यर्थियों के लिए समान और अनिवार्य होता है। इसका मुख्य उद्देश्य अभ्यर्थी की शिक्षण क्षमता, तार्किक चिंतन, अनुसंधान दृष्टिकोण, सम्प्रेषण क्षमता और सामान्य जागरूकता का परीक्षण करना है। इसमें कुल 10 इकाइयाँ शामिल हैं और प्रत्येक इकाई से 5 प्रश्न (10 अंक) पूछे जाने का प्रावधान है।

इकाई 1: शिक्षण अभिवृत्ति (Teaching Aptitude)

  • शिक्षण अवधारणा: अर्थ, उद्देश्य, शिक्षण का स्तर (स्मृति स्तर, समझ/अवबोध स्तर, और विचारात्मक/चिंतन स्तर), विशेषताएं और मूल आवश्यकताएं।
  • शिक्षार्थी की विशेषताएं: किशोर और वयस्क शिक्षार्थियों की शैक्षणिक, सामाजिक, संवेगात्मक और संज्ञानात्मक विशेषताएं, व्यक्तिगत भिन्नताएं।
  • शिक्षण को प्रभावित करने वाले कारक: शिक्षक, शिक्षार्थी, सहायक सामग्री, संस्थागत सुविधाएं और शिक्षण वातावरण।
  • उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षण पद्धतियां: अध्यापक-केंद्रित बनाम शिक्षार्थी-केंद्रित पद्धतियां; ऑनलाइन बनाम ऑफलाइन विधियां (स्वयं – SWAYAM, स्वयंप्रभा – SWAYAMPRABHA, मूक – MOOCs आदि)।
  • सहायक शिक्षण प्रणाली: पारंपरिक, आधुनिक और ICT-आधारित शिक्षण उपकरण।
  • मूल्यांकन प्रणाली: मूल्यांकन के तत्व और प्रकार, उच्च शिक्षा में विकल्प आधारित क्रेडिट प्रणाली (CBCS) में मूल्यांकन, कंप्यूटर-आधारित परीक्षण, मूल्यांकन पद्धतियों में नवाचार।

इकाई 2: शोध अभिवृत्ति (Research Aptitude)

  • शोध: अर्थ, प्रकार, विशेषताएं, प्रत्यक्षवाद (Positivism) एवं उत्तर-प्रत्यक्षवाद (Post-positivistic approach)।
  • शोध की पद्धतियां: प्रयोगात्मक (Experimental), विवरणात्मक (Descriptive), ऐतिहासिक (Historical), गुणात्मक (Qualitative) और मात्रात्मक (Quantitative) विधियां।
  • शोध के चरण: समस्या का चयन, परिकल्पना निर्माण, आंकड़ों का संकलन और विश्लेषण।
  • शोध प्रबंध एवं आलेख लेखन: संरचना, औपचारिक शैली, सन्दर्भ ग्रन्थ सूची (Referencing styles)।
  • शोध में ICT का अनुप्रयोग: आंकड़ों के प्रसंस्करण और विश्लेषण में डिजिटल टूल्स का उपयोग।
  • शोध नैतिकता (Research Ethics): कॉपीराइट, साहित्यिक चोरी (Plagiarism), और निष्पक्षता।

इकाई 3: बोद्धगम्यता (Comprehension)

  • एक गद्यांश दिया जाता है, जिससे संबंधित 5 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। यह अभ्यर्थी की भाषा को समझने और उससे निष्कर्ष निकालने की क्षमता का आकलन करता है।

इकाई 4: सम्प्रेषण / संचार (Communication)

  • संचार का अर्थ: प्रकार, अभिलक्षण और संचार का स्वरूप।
  • प्रभावी संचार: वाचिक और अवाचिक (Verbal & Non-verbal), अंतर-सांस्कृतिक और समूह संचार, कक्षा संचार (Classroom Communication)।
  • प्रभावी संचार की बाधाएं: भाषाई, मनोवैज्ञानिक, और भौतिक बाधाएं।
  • जन-मीडिया और समाज: समाज पर मीडिया का प्रभाव और भूमिका।

इकाई 5: गणितीय तर्क और अभिवृत्ति (Mathematical Reasoning & Aptitude)

  • तर्क के प्रकार: अंक श्रृंखला (Number Series), अक्षर श्रृंखला (Letter Series), कूटलेखन (Coding-Decoding), और संबंध (Relationships)।
  • गणितीय योग्यता: भिन्न, प्रतिशत, अनुपात और समानुपात, औसत, लाभ और हानि, ब्याज और छूट, समय और दूरी, कार्य और समय।

इकाई 6: युक्तिसंगत तर्क (Logical Reasoning)

  • युक्तियों की संरचना: युक्ति के रूप, निरपेक्ष कथन की संरचना, मनोदशा और आकृति (Mood & Figure), औपचारिक और अनौपचारिक युक्तिदोष (Fallacies)।
  • भाषा का प्रयोग: शब्दों का वाच्यार्थ और लक्ष्यार्थ, विरोध का शास्त्रीय वर्ग (Square of Opposition)।
  • निगमनात्मक और आगमनात्मक तर्क: मूल्यांकन और अंतर।
  • वेन आरेख: युक्तियों की वैधता स्थापित करने के लिए उपयोग।
  • भारतीय प्रमाण शास्त्र: प्रत्यक्ष, अनुमान, उपमान, शब्द, अर्थापत्ति, और अनुपलब्धि।
  • अनुमान की संरचना और प्रकार: व्याप्ति, हेत्वाभास (अनुमान के दोष)।

इकाई 7: आंकड़ों की व्याख्या (Data Interpretation)

  • स्रोतः आंकड़ों का अधिग्रहण और वर्गीकरण।
  • गुणात्मक और मात्रात्मक आंकड़े
  • चित्रवत निरूपण: बार-चार्ट, हिस्टोग्राम, पाई-चार्ट, टेबल-चार्ट और रेखा-चित्र।
  • आंकड़ों की व्याख्या और सुशासन में आंकड़ों का प्रयोग

इकाई 8: सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT)

  • ICT सामान्य शब्दावली: संक्षिप्तियाँ और इंटरनेट के मूल तत्व (Intranet, E-mail, Audio/Video-conferencing)।
  • उच्च शिक्षा में डिजिटल पहल: ई-पीजी पाठशाला, एनडीएल (NDL), शोध गंगा आदि।
  • ICT और सुशासन (Governance)

इकाई 9: लोग, विकास और पर्यावरण (People, Development & Environment)

  • विकास और पर्यावरण: सतत विकास लक्ष्य (SDGs) और सहस्त्राब्दी विकास लक्ष्य (MDGs)।
  • मानव और पर्यावरण अंतरसंबंध: एंथ्रोपोजेनिक (मानवजनित) गतिविधियां और पर्यावरण पर प्रभाव।
  • पर्यावरणीय मुद्दे: स्थानीय, क्षेत्रीय और वैश्विक वायु, जल, मृदा, ध्वनि प्रदूषण; अपशिष्ट प्रबंधन (ठोस, इलेक्ट्रॉनिक, खतरनाक)।
  • जलवायु परिवर्तन: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक आयाम।
  • पर्यावरण संरक्षण अधिनियम: राष्ट्रीय कार्य योजना, अंतर्राष्ट्रीय समझौते (मांट्रियल, क्योटो, पेरिस समझौता, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन)।

इकाई 10: उच्च शिक्षा प्रणाली (Higher Education System)

  • प्राचीन भारत में उच्च शिक्षा संस्थान और शिक्षा
  • स्वतंत्रता के बाद भारत में उच्च अध्ययन और अनुसंधान का विकास
  • पारंपरिक, गैर-पारंपरिक और ओरिएंटल अध्ययन कार्यक्रम
  • व्यवसायिक/तकनीकी और कौशल-आधारित शिक्षा।
  • मूल्य शिक्षा और पर्यावरण शिक्षा।
  • नीतियां, शासन, और प्रशासन।

द्वितीय प्रश्न पत्र (Paper-2): हिंदी साहित्य (Hindi Literature)

यदि आपका मुख्य विषय हिंदी है, तो CG SET 2026 के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC NET) के मानक के अनुसार 10 विस्तृत इकाइयाँ निर्धारित हैं:

इकाई 1: हिंदी भाषा और उसका विकास

  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: प्राचीन भारतीय आर्य भाषाएं, मध्यकालीन भारतीय आर्य भाषाएं (पालि, प्राकृत, शौरसेनी, अर्द्धमागधी, मागधी, अपभ्रंश और उनकी विशेषताएं)।
  • अपभ्रंश, अवहट्ट और पुरानी हिंदी का संबंध
  • हिंदी का भौगोलिक विस्तार: पश्चिमी हिंदी, पूर्वी हिंदी, राजस्थानी, बिहारी तथा पहाड़ी वर्ग और उनकी बोलियां (खड़ीबोली, ब्रज और अवधी)।
  • हिंदी के विविध रूप: हिंदी, उर्दू, दक्खिनी, हिंदुस्तानी।
  • देवनागरी लिपि: विशेषताएं, मानकीकरण और सुधार के प्रयास।

इकाई 2: हिंदी साहित्य का इतिहास

  • इतिहास लेखन की पद्धतियां, कालविभाजन और नामकरण
  • आदिकाल: विशेषताएं, सिद्ध, नाथ, जैन साहित्य, रासो साहित्य (चंदबरदाई), अमीर खुसरो और विद्यापति।
  • भक्तिकाल: भक्ति आंदोलन के उदय के सामाजिक-सांस्कृतिक कारण, निर्गुण (ज्ञानमार्गी-प्रेममार्गी) और सगुण (कृष्णमार्गी-राममार्गी) काव्यधाराएं, प्रमुख कवि और सम्प्रदाय।
  • रीतिकाल: सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध और रीतिमुक्त काव्य, आचार्यात्व।
  • आधुनिककाल: भारतेंदु युग, द्विवेदी युग, छायावाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद, नई कविता, समकालीन कविता।
  • गद्य विधाओं का विकास: उपन्यास, कहानी, नाटक, निबंध, आलोचना, आत्मकथा, जीवनी, रेखाचित्र, संस्मरण।

इकाई 3: साहित्यशास्त्र / काव्यशास्त्र

  • भारतीय काव्यशास्त्र: काव्य लक्षण, काव्य हेतु, काव्य प्रयोजन, रस निष्पत्ति, साधारणीकरण, शब्दशक्ति, काव्य गुण और दोष।
  • प्रमुख सम्प्रदाय: रस, अलंकार, रीति, ध्वनि, वक्रोक्ति और औचित्य।
  • पाश्चात्य काव्यशास्त्र: प्लेटो (काव्य सिद्धांत), अरस्तू (अनुकरण और विरेचन सिद्धांत), वर्ड्सवर्थ (काव्यभाषा), कॉलरिज (कल्पना और फैंटेसी), टी.एस. एलियट (निर्वैयक्तिकता और परंपरा), आई.ए. रिचर्ड्स (संप्रेषण सिद्धांत)।
  • आधुनिक समीक्षा सिद्धांत: संरचनावाद, रूपवाद, उत्तर-आधुनिकतावाद, मिथक, बिंब और प्रतीक।

इकाई 4: वैचारिक पृष्ठभूमि

  • भारतीय नवजागरण और स्वाधीनता आंदोलन
  • हिंदी नवजागरण: फोर्ट विलियम कॉलेज, भारतेंदु और महावीर प्रसाद द्विवेदी की भूमिका।
  • प्रमुख दर्शन: गांधीवादी दर्शन, आंबेडकर दर्शन, लोहिया दर्शन, मार्क्सवाद, मनोविश्लेषणवाद, अस्तित्ववाद।
  • अस्मितामूलक विमर्श: दलित विमर्श, स्त्री विमर्श, आदिवासी विमर्श और अल्पसंख्यक विमर्श।

इकाई 5: हिंदी कविता (निर्धारित पाठ्य सामग्री)

  • चंदबरदाई: पृथ्वीराज रासो (रेवा तट)।
  • कबीर: कबीर ग्रंथावली (सं. श्यामसुंदर दास – हजारीप्रसाद द्विवेदी)।
  • जायसी: पद्मावत (नागमती वियोग खंड)।
  • सूरदास: भ्रमरगीत सार (सं. रामचंद्र शुक्ल)।
  • तुलसीदास: रामचरितमानस (उत्तरकांड)।
  • बिहारी: बिहारी रत्नाकर (सं. जगन्नाथदास रत्नाकर – शुरुआती दोहे)।
  • घनानंद: घनानंद कवित्त।
  • आधुनिक कवि: मैथिलीशरण गुप्त (साकेत – नवम सर्ग), जयशंकर प्रसाद (कामायनी – श्रद्धा, लज्जा, इड़ा सर्ग), सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ (सरोज स्मृति, राम की शक्तिपूजा), सुमित्रानंदन पंत, महादेवी वर्मा, रामधारी सिंह दिनकर (उर्वशी – तृतीय अंक), नागार्जुन, अज्ञेय (असाध्य वीणा), मुक्तिबोध (अंधेरे में), धूमिल (मोचीराम)।

इकाई 6: हिंदी उपन्यास

  • पंडित गौरीदत्त – देवरानी जेठानी की कहानी
  • लाला श्रीनिवास दास – परीक्षा गुरु
  • प्रेमचंद – गोदान
  • अज्ञेय – शेखर एक जीवनी (भाग-1)
  • हजारीप्रसाद द्विवेदी – बाणभट्ट की आत्मकथा
  • फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ – मैला आंचल
  • यशपाल – झूठा सच
  • भीष्म साहनी – तमश
  • श्रीलाल शुक्ल – राग दरबारी
  • कृष्णा सोबती – जिंदगीनामा

इकाई 7: हिंदी कहानी

  • चंद्रदेव से मेरी बातें, दुलाईवाली (बंग महिला)
  • एक टोकरी भर मिट्टी (माधवराव सप्रे)
  • उसने कहा था (चंद्रधर शर्मा गुलेरी)
  • कफ़न, आकाशदीप, ईदगाह, तीसरी कसम (रेणु), गैंग्रीन (अज्ञेय), पिता (ज्ञानरंजन), परिंदे (निर्मल वर्मा)।

इकाई 8: हिंदी नाटक

  • भारतेंदु – अंधेर नगरी, भारत दुर्दशा
  • जयशंकर प्रसाद – चंद्रगुप्त, स्कंदगुप्त, ध्रुवस्वामिनी
  • धर्मवीर भारती – अंधा युग
  • मोहन राकेश – आषाढ़ का एक दिन, आधे अधूरे
  • सर्वेश्वरदयाल सक्सेना – बकरी
  • शंकर शेष – एक और द्रोणाचार्य

इकाई 9: हिंदी निबंध

  • भारतेंदु – दिल्ली दरबार दर्पण, भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है
  • प्रताप नारायण मिश्र – शिवमूर्ति
  • बालकृष्ण भट्ट – शिवशंभु के चिट्ठे
  • रामचंद्र शुक्ल – कविता क्या है
  • हजारीप्रसाद द्विवेदी – नाखून क्यों बढ़ते हैं
  • विद्यानिवास मिश्र – मेरे राम का मुकुट भीग रहा है
  • नामवर सिंह – संस्कृति और सौंदर्य

इकाई 10: आत्मकथा, जीवनी तथा अन्य गद्य विधाएँ

  • भारतेंदु – एक अद्भुत अपूर्व स्वप्न
  • रामवृक्ष बेनीपुरी – माटी की मूरतें
  • महादेवी वर्मा – ठकुरी बाबा
  • तुलसीराम – मुर्दहिया
  • शिवरानी देवी – प्रेमचंद घर में
  • मन्नू भंडारी – एक कहानी यह भी
  • हरिवंशराय बच्चन – क्या भूलूं क्या याद करूं

CG SET 2026: तैयारी की रणनीति

  1. पाठ्यक्रम का प्रिंटआउट लें: सबसे पहले पूरे पाठ्यक्रम को अपनी अध्ययन टेबल पर रखें और प्रतिदिन के अनुसार विषयों को विभाजित करें।
  2. PYQs का विश्लेषण: CG SET और UGC NET के पिछले 5 से 8 वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करें। इससे परीक्षा के वास्तविक स्तर और बार-बार पूछे जाने वाले विषयों का पता चलता है।
  3. पेपर-1 पर समान ध्यान: अभ्यर्थी अक्सर पेपर-2 पर अधिक ध्यान देते हैं और पेपर-1 की उपेक्षा करते हैं। ध्यान रखें कि पेपर-1 में 70+ अंक प्राप्त करना कट-ऑफ पार करने में निर्णायक साबित होता है।
  4. मूल पाठ पढ़ें: कहानियों, उपन्यासों और नाटकों के केवल सारांश पर निर्भर न रहें; पात्रों, संवादों और प्रकाशन वर्षों का नोट्स तैयार करें।

 

Shurti Singh

Hi, I'm Shurti Singh, an education content writer at CGLatest24.in. I enjoy creating simple, accurate, and easy-to-read articles on government jobs, exams, admissions, results, and scholarships. I research official notifications and trusted sources before writing so readers get reliable and up-to-date information. My goal is to make educational updates easy to understand and help students find the information they need without confusion.

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